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जीवातà¥à¤®à¤¾ कब और कैसे गरà¥à¤ (शरीर) में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती हैं ? :
जीवन का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ अनंत है, हम अगणित वरà¥à¤·à¥‹ से जीवित हैं और आगे अगणित वरà¥à¤·à¥‹ तक जीवित रहेंगे, à¤à¥à¤°à¤®à¤µà¤¶ मनà¥à¤·à¥à¤¯ यह समठकर बैठा है की जिस दिन शिशॠमाठके गरà¥à¤ में आता है या गरà¥à¤ से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है, उसी समय से जीवन आरमà¥à¤ होता है और जब हृदयगति अथवा शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ की गति रà¥à¤• जाने से शरीर निरà¥à¤œà¥€à¤µ हो जाता है और मृतà¥à¤¯à¥ हो जाती है और उसके साथ ही जीवन का अंत हो जाता है, परनà¥à¤¤à¥ à¤à¤¸à¤¾ वासà¥à¤¤à¤µ में नही होता इसलिठपहले ही कहा गया है की जीवन का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ अनंत है.
जीवन और शरीर à¤à¤• ही चीज़ नहीं है, जैसे वसà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹ को हम समय समय पर बदलते रहते है, उसी पà¥à¤°à¤•ार जीवातà¥à¤®à¤¾à¤“ को à¤à¥€ शरीर बदलने पडते है। पà¥à¤°à¥‡ जीवन à¤à¤° à¤à¤• ही वसà¥à¤¤à¥à¤° पहने नहीं रहा जा सकता, उसी पà¥à¤°à¤•ार किसी जीवातà¥à¤®à¤¾ के अंनत जीवन के लिठà¤à¤• शरीर नहीं ठहर सकता, इसलिठउसे बार बार बदलने की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ती है। किसी à¤à¥€ जीवातà¥à¤®à¤¾ के लिठजीवन और मृतà¥à¤¯à¥ का यह चकà¥à¤° तब तक चलता रहता है, जब तक उस जीवातà¥à¤®à¤¾ को मोकà¥à¤· पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ न हो जाये।
शरीर रूपी वसà¥à¤¤à¥à¤° बदलने के इसी कà¥à¤°à¤® में जीवातà¥à¤®à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ इस à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• जगत पृथà¥à¤µà¥€ पर जनà¥à¤® अथवा पà¥à¤¨à¤°à¥à¤œà¤¨à¥à¤® के लिठआती है, और अपनी होने वाली माता के गरà¥à¤ में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हो जाती है और शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को अनà¥à¤°à¥‡à¤–ित करती अपनी सतà¥à¤¤à¤¾ जमाती है।
यह समà¤à¤¨à¤¾ ठीक नहीं है कि, गरà¥à¤ में शिशॠको बहà¥à¤¤ कषà¥à¤Ÿ होता है, कà¥à¤¯à¥à¤•ी उस समय तक गरà¥à¤ में शिशॠका मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और इनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अविकसित होने के कारण जीवातà¥à¤®à¤¾ को पूरी तरह से बंधित नहीं कर पाती और वह जीवातà¥à¤®à¤¾ माता के गरà¥à¤ को à¤à¤• घोसले के सदृशà¥à¤¯ रखती है और अपनी पूरà¥à¤£ चेतना के साथ चारो और घूमती रहती हैं।
जनà¥à¤® लेने समय पूरà¥à¤µ जब गरà¥à¤ में शिशॠकी इनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤ पूरà¥à¤£à¤¤à¤ƒ विकसित हो जाती है तो जीवातà¥à¤®à¤¾ की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ थोड़ी नषà¥à¤Ÿ हो जाती है तब वह तà¥à¤°à¤‚त उस गरà¥à¤ से नवजात शिशॠके निकलने पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करती है और इसी पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ को ही पà¥à¤°à¤¸à¤µ काल कहा गया है और अनà¥à¤¤à¤¤à¤ƒ à¤à¤• जीवातà¥à¤®à¤¾ à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• जीवन का सफर शà¥à¤°à¥‚ होता है।
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